गर है रोशन तेरे घर के कोने सभी
एक दीपक पड़ोसी के घर तूं जला।
हो ख़ुशी से सरोबार सारा जहां
ये दीवाली तूं कुछ इस तरह से मना।
एक दीपक पड़ोसी के घर तूं जला।
हो ख़ुशी से सरोबार सारा जहां
ये दीवाली तूं कुछ इस तरह से मना।
जो हैं, मायूस दुनिया से भटके हुए
इस जमाने के दामन से छिटके हुए
उनके जीवन में खुशियों की लौ तूं जला।
ये दीवाली तूं कुछ इस तरह से मना।
जिनकी छाया में हम हैं पले और बढ़े
उनकी काया में बल अनगिनत अब पड़े।
अपनी आंखों से उनको ये दुनिया दिखा
ये दीवाली तूं कुछ इस तरह से मना।
मन में संकल्प का एक दीपक जला
उसमें मेहनत, लगन की तूं बाती सजा।
लक्ष्य पा जाएगा, तू ये आशा जगा
ये दीवाली तूं कुछ इस तरह से मना।
