सुन मितवा
Desire That u Can Say me
Saturday, November 27, 2010
श्वांस का हर फूल अर्पण कर अमन को
प्यार का हर दीप पीड़ा के नमन को
है तू स्वयं परमात्मा का अंश भू पर
तू जहाँ भी है, वहीँ महका चमन को.
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